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राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’

दिल्ली, मिथिला मिरर-सुनीत ठाकुर: “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है,” दिनकर जी के लिखल इ पंक्ति कोनो आंदोलन के शिखर पर पहुँचाबय लेल बहुत अछि। मिथिला रत्न रामधारी सिंह दिनकर जी के जन्म बेगुसराय जिला के सिमरिया गांव (मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थ सिमरिया घाट ) में 23 सितम्बर, 1908 में भेल छल। मैथिली, हिंदी, … Continue reading राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’

मैथिलीक हास्य सम्राट हरिमोहन झा के शत्-शत् नमन

दिल्ली, मिथिला मिरर: कोलकाता मैथिली साहित्यिक आंदोलनीक तीर्थस्थली रहल अछि। ई आई धरि प्रमाणित होइत आबि रहल अछि। कोलकाता समेत भारतवर्षक साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मैथिली संस्था लोकनिक अधिकारी – पदाधिकारी जखन सुतल छलाह तखन कोलकाताक “मिथिला विकास परिषद” एक आंजुर फूल लs कs हास्य कवि सम्राट हरिमोहन झाजी कें श्रद्धांजलि अर्पित कs रहल छल। विदित … Continue reading मैथिलीक हास्य सम्राट हरिमोहन झा के शत्-शत् नमन

“शिक्षार्थी एवं शिक्षक” शिक्षा संस्कारक सर्वोत्तम पूँजी

सर्वप्रथम माँ शारदा क वंदना करैत किछु विचार प्रस्तुत करबाक निवेदन प्रार्थनीय अछि – शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमामाद्यां जगद्व्यापिनीम्, वीणा पुस्तक धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम् ।। हस्ते स्फाटिकमालिकां च दधतीं पद्मासने संस्थितां, वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ।। शिक्षा जीवनक निर्माण क श्रेष्ठ कला थिक । शिक्षाक अनुशीलन सँ व्यक्तिक तेज एवं तेजोदीप्त संस्कार प्रस्फुटित होइत अछि । … Continue reading “शिक्षार्थी एवं शिक्षक” शिक्षा संस्कारक सर्वोत्तम पूँजी

‘मणिपद्म’ जीक जन्मदिनक अवसर पर मिथिला विकास परिषद, कोलकाता द्वारा आयोजित भेल कार्यक्रम

दिल्ली, मिथिला मिरर: कोलकाता मैथिली साहित्य एवं संस्कृति केर ध्वजवाहक रहल अछि। सितंबर मास मैथिली साहित्यक नक्षत्रगण स्व0 काशीकांत मिश्र ‘मधुप’, स्व0 डा0 लक्ष्मण झा, आओर स्व0 व्रजकिशोर वर्मा ‘मणिपद्म’ जीक जन्म दिनक साक्षी बनल अछि। 07 सितंबर, 1918 कें आधुनिक साहित्यमणि, यशस्वी हस्ताक्षर, स्वतंत्रता सेनानी, ओजस्वी एवं प्रखर वक्ता स्व0 व्रजकिशोर वर्मा ‘मणिपद्म’ जीक जन्म … Continue reading ‘मणिपद्म’ जीक जन्मदिनक अवसर पर मिथिला विकास परिषद, कोलकाता द्वारा आयोजित भेल कार्यक्रम

“हृदयक पुस्तक” शिक्षक दिवसक उपलक्ष्य मे

दिल्ली, मिथिला मिरर: एकटा एहन पुस्तकक विषय मे चर्चा करबाक इच्छा भऽ रहल अछि जाहि पुस्तक कें पढ़बा एवं लिखबाक हेतु कागज एवं कलमक आवश्यकता नञि अछि। ई पुस्तक हृदयक असाधारण पुस्तक थिक। एहि पुस्तकक अध्ययन सभ क्यो कऽ सकैत छथि हेतुए जे एहि पुस्तकक प्रत्येक अक्षर व्यक्तिक भावना सँ जुड़ल अछि। एहि पुस्तक कें मुद्रण करबाक … Continue reading “हृदयक पुस्तक” शिक्षक दिवसक उपलक्ष्य मे

विकासशील भारत मे मिथिलाक स्थिति

भारत कृषि प्रधान देश अछि। एहि मे मिथिलांचलक विशिष्ट अस्तित्व अछि । कृषि हेतु उपयुक्त खेत अछि । पर्याप्त श्रमिक छथि, परन्तु समुचित सिंचाई, आधुनिक यंत्र एवं सामग्रीक अभाव मे अत्यधिक ऊर्वरा सम्पन्न पवित्र भूमि मिथिला अपन उचित ऊपजा सँ वंचित अछि। मिथिलांचलक आठ प्रतिशत् भूमि मे सिंचाईक नियमित सुविधा अछि । मौसमी फसल, जे … Continue reading विकासशील भारत मे मिथिलाक स्थिति

सब दलक ‘दलित’ दौड़ !

समय कए हिसाब सं सियासत बदलइत अछि आओर ओई सियासतक कए हिसाब सं नायक सेहो बदइल जाइत अछि। ऐना लागेत अछि जे आइ दलितक मसीहा बाबासाहेब अंबेडकरक सब पार्टीक लेल जरूरत बइन गेल छथि। अंबेडकरक प्रति पिछला किछु साल सं अचानक सब दल कए प्यार उमड़ि पड़ल अछि। आब अंबेडकर पर मात्र मायावती आ बीएसपी कए … Continue reading सब दलक ‘दलित’ दौड़ !

भाग माल्या भाग !

देशक अनेको एजेंसी माल्य कए ताइक रहल अछि, मुदा माल्या कए पकनाइ मुश्किले नहि नामुमकिन अछि। सरकार, पुलिस, सीबीआई, गुप्तचर एजेंसी सब कियो देखइत रही गेल। मुदा दु-चारि दिन बीत गेलाक बाद पता लागल जे माल्या त माल ल कए पिछला दरवाजा सं फुर्र भ गेला। अब हुनका भगला पर देश मे हल्ला मचल अछि। … Continue reading भाग माल्या भाग !

देशक राजनीतिक सब स खराब दौर ?

देशक राजनीति किछु साल सं अपन सबस खराब दौर सं गुजरी रहल अछि। अहि सं पहिले शायद आहा राजनीतिक एहन दौर नहि देखने होयब । भ सकैत अछि जे आहा देखनोहो होयब मुदा हाम त नहि देखने रही। आहा कहब जे हाम एखन राजनीतिये कतेक देखलउ मुदा एक टा रानेताक बेटा होबय खातिर हाम राजनीति … Continue reading देशक राजनीतिक सब स खराब दौर ?

मधुश्रावणी: माधुर्य संग गम्भीर चिन्तनो

मिथिलाक वातावरण संगीतमय भऽ उठल अछि। नव विवाहितका महापर्व मधुश्रावणी जे शुरू भऽ गेल अछि। मधुश्रावणी जकरा मिथिलाक गामघरमे मोसरामनी सेहो कहल जाइछ अपन नामक अनुकूल मधु-रससँ सराबोर अछि। अन्तिम दिन पतिक संग मोसरमनी पुजबाक बाद हुनका हाथे तेसर बेर सिन्दूरदानक विधि नव विवाहिता लोकनिकेँ एक बेर फेर पुलकित कऽ देतनि। आ एहन पाबनि संगीत … Continue reading मधुश्रावणी: माधुर्य संग गम्भीर चिन्तनो