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मिथिला मिररः संघर्षमय 5 बरख, स्वर्णिम भविष्यक आश

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दिल्ली-मिथिला मिररः पाँच बरख पहिने 10 अगस्त 2013 क’ जखन ‘मिथिला मिरर’ नाम मैथिली पत्रकारितामे जुड़ल छल तँ ओकर एकमात्र लक्ष्य रहय जे कोना मैथिली पत्रकारितामे नव प्रयोग कएल जाए जे एखन धरि हिन्दी, अंग्रेजी सहित आन-आन मातृभाषाक मीडिया आ पत्रकारितामे कएल जा रहल अछि। सौभाग्य मिथिला टीवी चैनलकेँ असामयिक निधन आ दरभंगासँ प्रकाशित भ’ रहल मिथिला आवाजक गौदानक बाद ई एकटा सोच छल जे कोना मीडियाक वास्तविक तेवरक संग एकटा मैथिली मीडियाकेँ आमलोकक सोंझा ल’ क’ आएल जाए। जखन मिथिला मिररक शुरूआत भेल छल तँ ई एकटा नव प्रयोग मैथिली मीडियाक लेल छल एहिमे कोनो शक नहिं। मैथिलीक परंपरागत पत्रकारिता सँ इतर ई एकटा नव शुरूआत छल जाहिमे दैनिक रूपेँ राजनीतिक, सामाजिक संग-संग ज्वलंत विषयकेँ समाचारक रूपमे आम जनक सोंझा राखबाक ई एकटा नव पहल छल।

मिथिला मिरर शुरूआतसँ मीडियाक ओहि रूपकेँ पकड़ि क’ रखबाक पूर्ण कोशिश केलक जे एकटा आम मीडियाक दैनिक कार्य होइछ। शुरूआती दौरमे तत्कालीन जल संसाधन मंत्री हरीश रावत द्वारा जगत जननी माँ सीताकेँ विदेशी कहबाक बातकेँ प्रतिकार स्वरूप तैयार कएल गेल राजनीतिक माहौल होइ आ कि आन-आन तरहक प्रयोग। एकरा कहबामे कोनो शक नहिं जे जखन भारतमे नव मीडिया अप्पन पैर पसारबाक तैयारीमे छल ओहि समय मिथिला मिरर ओहि चुंिनंदा डाॅटकाॅमक श्रेणीमे छल जे माइकक प्रयोग करैत अप्पन एकटा नव पहिचान आम जनताक बीच बनेवामे सफल रहल। मैथिल दर्शकक लेल सेहो ई एकटा नव स्वाद बला वस्तु छल जे इंटरनेट पर गीत-संगीतक संग-संग राजनीतिक सामाजिक विषय पर वीडियोक माध्यमसँ जानकारी देबाक एकटा जगह बनल। दर्शक दिससँ सेहो एहि पहलकेँ बहुत बेसी प्रशंसा भेटल।

ई मिथिला मिरर टीम आ एकर संपादकक सोच छल जे केन्द्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, राज्य सरकार मंत्री, प्रशासनिक आ सिविल सेवाक अधिकारी, डाॅक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता, कला जगतक नामचीन हस्ति, शिक्षाक पुरोधा, कवि, गीतकार, गायक आदि मिथिला मिररक भेंटघांट आ अन्य कार्यक्रमक हिस्सा नियमित रूपसँ बनय लगलाह आ ई सिलसिला सतत जारी अछि। एकरा कहबामे कोनो अतिश्योक्ति नहिं जे मैथिली ठाकुर, जूली झा, प्रियंका प्रियदर्शिनी, डाॅली तालूकदार, अनुराधा झा सन बेटीकेँ एहिठामसँ वैश्किव पहिचान भेटलनि। तँ दोसर दिस मैथिली ठाकुरक ब्राह्मन बाबू सँ शुरू भेल वायरल शब्द, जूली झाक छोडू-छोडू सैया होइत प्रियंका प्रयदर्शिनीक यै काकी आ आभा झाक प्रियतम भेलखिन मोर विरान ई मिथिला मिररक वायरल वीडियो छल जेकरा समस्त मैथिल खूब प्रेम देलनि। नैंसी झा हत्याकांडक बाद जाहि तरहक विरोधक स्वर मिथिला मिररक माध्यमसँ मिथिलाक विभिन्न संगीतप्रेमी, कलाप्रेमी, समाजिक कार्यकर्ताक माध्यमसँ बहराएल जेकर ई परिणाम छल जे ई समाद वैश्किव मीडियाक हेडलाइन आ समस्त बुलेटिनक हिस्सा बनैत गेल। मुदा ई सब चीज तखन भेलैक जखन आमजन आ मैथिल समाज सदिखन मिथिला मिररकेँ अप्पनस्नेह आ प्रेम दैत रलहखिन।

समय-समय पर ज्वलंत मुद्दाकेँ उठेनाइ, नव प्रयोग केनाइ ई सभदिनसँ मिथिला मिररक प्रयोग धर्म रहलैक अछि आ ई आगूओ चलैत रहत। नानान तरहक परेशानी, तमाम तरहक झंझाबातसँ उबरैत, संगठनक टूटैत-छूटैत संग, नानान तरहक प्रशंसा-आलोचनाक बादो ई मात्र आम मैथिल पाठक, दर्शक आ श्रोता लोकनिक स्नेह अछि जे मिथिला मिरर अप्पन पाँचम बरख पूरा केलक आ आगू सेहो उज्जवल भविष्य देखि रहल अछि। न्यूज पोर्टलसँ शुरू भेल सफर, मिथिलाक पहिल यूट्यूब मीडिया चैनल बनैत मैगजीन धरिक सफर तय केलक। ई सफर सहज नहिं छलैक आ नहिं आगूक बाट चिक्कन-चुनमुन देखना जाइछ। तमाम तरहक परेशानीक बादो दैनिक रूपेँ मिथिला मिररक जनता संग जुड़ल रहब नहिं सिर्फ मिथिला मिरर बल्कि एकरा मैथिली मीडियाक सेहो पैघ उपल्बधि कहल जा सकैत अछि। 2016मे फुललोढ़ीक शुरूआत हो आ कि संसद भवनक सोंझा विजय चैकसँ मैथिलानी संग संवाद, क़ानूनी जटिल विषयकेँ मैथिलीमे आम जनक लेल ल’ क’ आएब आ कि एनिमेटेड काॅमेडी ई तखन मात्र संभव भेल जखन अपने लोकनि लाखोक संख्यामे मिथिला मिररकेँ प्रेम देलहुँ।

इहो कहबामे कोनो असोकर्ज नैँ जे मिथिला मिरर आब आम जनक आवाज बनल जा रहल अछि। मिथिला मिररकेँ प्रतिनिधिकेँ आब विभिन्न शहरक मंच पर बजाओल जाइत अछि। चाहे बेंगुलरू, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, बरोदरा, रांची, पटना, गुवाहाटी, कोलकाता सहित कतेको मंच पर मिथिला मिरर संपादक प्रत्यक्ष वा परोक्ष रूपसँ उपस्थित रहलाह अछि। एतबे नहिं समजाक सेहो अपेक्षा आब मिथिला मिरर सँ बढ़ि गेल अछि। जेकर प्रमाण एहि बेर मैथिली भाषासँ संघ लोक सेवा आयोगक परीक्षा पास केनिहार रतन कुमार झा दैत छथि। रतन कहैत छथि जे हमर परीक्षाक तैयारीमे मिथिला मिररक साक्षात्कार सभक बहुत पैघ योगदान रहल अछि। तहिना एकर प्रशंसामे रजनी झा, सागर कुमार झा, सौम्या झा एकर भूरि-भूरि प्रशंसा करैत छथि। तँ भारतक जानक-मानक ब्यूरोक्रैट्स संजय कुमार झा सहित कतेको अधिकारी मिथिला मिररमे मैथिली मीडियाक भविष्य देख रहल छथि। तँ एमएसएमई मे निदेशक प्रभात कुमार झा कहैत छथि जे हर मैथिलकेँ आगू आबि मिथिला मिररकेँ सहयोग करबाक चाही। ई अप्पन मीडिया अछि। युवा छात्र लोकनिक लगातार आबैत फोन सेहो जिम्मेदारीक बोध कराबैत अछि तँ दोसर दिस दुलरी बेटीकेँ भेंट रहल प्रेम आओर बेसी रोमांचित करैत अछि।

आगूक चुनौतीः

एक दिस भारत तमाम मातृ भाषा चाहे बांग्ला, उड़िया, असमिया, कन्नड़, तमिल, तेलगू, मलियालम, मराठी, गुजराती सहित आन-आन भाषाक मीडिया फड़ि-फुला रहल अछि ओहनमे मैथिली मीडिया अपन अस्तित्व बचेवा दिस नित-नव लड़ाई लड़ि रहल अछि। एखन धरि जे भेलै ताहि पर नोरबहा आगूक बाट प्रशस्त नहिं कएल जा सकैत अछि। अगिला दू दशक मोबाइल टीवी छैक आ नीक शब्दमे कही तँ डिजिटल मीडियाक इर्द-गिर्द पत्रकारिता धूमैत रहत एहनमे मैथिल आमजनक स्वाद आ समाचारक प्रति हुनकर रूझान सेहो बदलब अति आवश्क अछि। जाहि भाषाक अप्पन मीडिया नहि हो ओ भाषा मृतप्राय भ’ गेल अछि। अगर मैथिली पत्रकारिता व्यावसायिक रूपेँ ठाढ़ भ’ जाएत तँ मैथिली सिनेमा स्वतः अपना-आपकेँ स्थापित करवा दिस डेग बढ़ा देत। एक दिस इंटरनेट पर बढ़ैत मैथिलक समूह दोसर दिस हुनका लोकनिक स्वाद एखनो धरि फूहड़ गीत आ ओहने हास्य दिस छनि, तँ दोसर दिस दैनिक रूपेँ बालू पेड़ि तेल निकालि रहल किछू व्यक्ति जे मैथिली पत्रकारिताक लेल अपन जीवनकेँ ओहि निमिते छोड़ि देने छथि हुनका लोकनिक काजकेँ एखनो बस ई कहि छोड़ि देल जाइत अछि जे ई की करता मैथिलीमे काज क’ रहल छथि।

ई हमर व्यक्तिगत सोच अछि जे जँ अहाँ खबरि आ ओकरा परोसबाक विधि अहाँकेँ आबैत अछि तँ भाषा एकरा आगू बढ़वामे बाधक नहिं बनि सकैत अछि। मुदा मैथिलजनक उपेक्षा सँ काज केनिहारक मनोबल दैनिक रूपेँ टूटैत जाइत अछि। बृहस्पतिदिन अर्थात 09 अगस्त 2018क’ रिपोर्टकेँ मानी तँ मिथिला मिरर 72 प्रतिशत दर्शक एहन छथि जे चैनलकेँ सब्सक्राइब नहिं कयने छथि। एकरा की कहल जाए? अगर चैनलकेँ सब्सक्राइब करबामे कोनो तरहक मूल्य नैँ लगैत अछि तँ फेर मैथिली मीडियाकेँ मजबूत करवामे अहाँक एकटा सब्सक्राइब रामवाण साबित भ’ सकैत अछि। मुदा ई इच्छाशक्ति बात थिक। 20 टकाक मैगजीन खरीद क’ एखनो पढ़निहारक संख्या सैकड़ामे हैत तँ एहनमे कोना मैथिली मीडियाक परिकल्पना कएल जा सकैत अछि? विद्यापति पर्व समारोह सहित सैकड़ों-हजारों मैथिली कार्यक्रम देश-दुनियामे हाइेत अछि मुदा मैथिली मीडियाकेँ कियो विज्ञापन तक नैँ देल जाइत अछि। हजारोक संख्यामे मैथिल बेटा उद्यमी छथि मुदा हुनका लोकनिक लेल मैथिली मीडिया कोनो खास जगह नहि राखैत अछि आ ओ लोकनि मैथिली मीडियाकेँ विज्ञापन कोना देता। तमाम चूनौती आ बाधा-विघ्नक बादो मिथिला मिरर अहाँलोकनिक आशीर्वाद सँ चलल अछि आ आगूओ चलैत रहत। नित दिन नव प्रयोग होइत रहत आ अहाँ लोकनिक घर तक नव-नव कार्यक्रम ल’ पहँुचैत रहब। सहयोग आ समर्थनक अपेक्षा छल, अछि आ सभदिन रहत।

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